Category: hindi poem

चलो भाग चलें भीतर की ओर….. A Meditation Poem by Dr. A. Bhagwat

चलो भाग चलें भीतर की ओर….. ये वक़्त जब बाहर निकलना मुमकिन नहीं !तो क्यों न भीतर ही मुड़ा जाए !उन रास्तों पर बढ़ाए जाएं कदमजो बाहर से जाते हैं भीतर की ओर….और पहुंचा जाए…

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Afternoon Poem in Hindi

दोपहरें…जब कपड़े सूख रहे होते हैं आंगन में !बड़ी – पापड़ धूप के साथ -साथ सरकते रहते हैं इधर -उधर औरपूरा की पूरा माहौल , विविधभारती के पुराने गीतों पर आधारित हो जाता है !सुबह…

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Poem on Corona Virus / Covid-19 in Hindi

क्या-क्या हो रहा है न इन दिनों ! सोना चाहो तो नींद नहीं ! आँख खुले तो चैन नहीं ! भोजन मिले तो भूख नहीं ! जल मिले तो प्यास नहीं ! फुर्सत में तो…

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कविता : आलिंगन

पहचानों आलिंगन को  !उसे ही तो महसूस किया था हमने पहले पहल….जब पाया था ख़ुद को अपनी माँ की बाहों में !फ़िर कितने ख़ुश हुए थे हम , जब बाबा ने भरा था बाहों में…..…

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कविता : तुम पंछी मैं शाख़

पेड़ों  पर ही उग आए थे हम – तुम प्यार की  बारिश में भीगे – भीगे मुहब्बतों की खुशबुओं से महके – महके फिर  हालातों की  आँधियों से लड़े थे संग – संग  ये  बात और है कि पकते…

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कविता : कॅरोना का ख़त, सैनिटाइजर के नाम

पेश ए ख़िदमत है करोना पर मेरी एक ताज़ा तरीन हास्य कविता ” कॅरोना का ख़त सेनेटाइज़र के नाम”प्लीज़ ग़ौर फ़रमाइएप्यारे दोस्त ,तुम सेनेटाइज़र हो मेरे और…मैं तुम्हारी कॅरोना….!!!अब मुझसे मुक्ति के लिए तुम इतनी…

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कविता : एकांत

‘एकांत’ हमें ले जाता है…. भीड़ से दूर…कोलाहल से दूर….ख़ुद की ओर….प्रकृति की ओर..जीवन की ओर…!और जीवन की ओर जाकर ही लौटाई जा सकती है मृत्यु असमय ।इससे पूर्व कि ‘अकेला’ कर दे कॅरोना हमें….क्यों…

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कविता : मैं तुमसे प्यार करती हूँ

मैं  तुम्हारी  मुहब्बत  में  हूँ ,  पता  है …… ?तुम्हारे  इश्क़  में  दिवानी –  दिवानी !!तो  क्या हुआ  कि  तुम   नज़रे   इनायत  भी नहीं  करती हो  मेरी  जानिब ; मगर  मैं  फिर भी…

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