Category: Motivational

Life during Lockdown in Hindi by A. Bhagwat

लॉक डाउन और ज़िंदगी….. {Lockdown And Life}अब एक महीना गुज़र चुका है…. लॉक डाउन हुए ! और कुछ सोच रही थी मैं …..तभी…. एक नन्हीं प्यारी सी तितली न जाने कहाँ से आकर …बस बैठी…

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प्रार्थना का महत्व | Importance of Prayer | हम प्रार्थना क्यों करते हैं ?

प्रार्थना……सबसे पहले और सबसे आख़िर में भी जिसकी आवश्यकता बनी रहती है और बनी रहेगी हमेशा, वो सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रार्थना ही है।क्योंकि वही हमारे जीवन का सुदृढ आधार भी है परन्तु दुःखद आश्चर्य है…

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सोचने वाली बात 01 : अक़्सर हम सोचा हुआ कुछ क्यों नहीं कर पाते हैं ?

नमस्कारस्वागत है आप सभी का आपके अपने “लाइफेरिया” के इस मंच पर जहां आज हम शुरुवात कर रहे हैं श्रृंखला“सोचनेवाली बात “ सोचने वाली बात -01 सोचने वाली बात है न ! कि अक़्सर हम…

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सोचने वाली बात 03 : क्या ये भी अब दूसरे ही तय करेंगे कि हमारे जीने की दशा और दिशा क्या होगी !

प्यारे दोस्तों,बेहद स्वागत है आप सभी का सोच और समझ के इस नुक्कड़ पर जहाँ हम मिलते हैं बस ख़ुद ही से, अपने आप से !हाँ ! पर मैं माफ़ी चाहती हूं इतने लंबे अंतराल…

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सोचने वाली बात 05 : लव यू ज़िन्दगी (Love You Zindagi)

सुनो ! खाना ठंडा हो रहा है जल्दी खाओ !ट्रेन निकलने को है, जल्दी पकड़ो भाई !ऑफ़िस नहीं जाना क्या ? उठो जल्दी उठो !कबतक सोते रहोगे ? परीक्षाएं सर पर हैं ,चलो उठो ,पढ़ाई…

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सोचने वाली बात 04 : दिल पर ले ले यार… और दिमाग पर भी

पंछी को क्या पता कि कौन शिकारी घात लगाए बैठा है…कल मिला था जो दाना पानी वो आज नसीब भी होगा या नहीं !!पर इस एक ख़याल से ही वो रद्द नहीं कर देता उड़ानें…

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एक ख़त : आत्महत्या के विरुद्ध (A Letter Against Suicide)

तुम्हारे हाथों में है ; ये ख़त बस तुम्हारे के लिए ही लिखा हुआ ।मेरे प्यारे अनजान दोस्त /सहेली ,मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ , जो मैं महसूस करती हूँ तुम्हारे लिए । तुम…

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विचार प्रबंधन (लेख/वैचारिक निबन्ध) Thought Management | How to think Positive in Hindi

एक विचार बस अभी अभी आया है । बस कुछ ही क्षणों में ये बीत जाएगा बग़ैर अपनी कोई निशानी छोड़े और कोई दूसरा विचार उसका स्थान ले लेगा फिर कुछ इसी तरह तीसरा, चौथा…

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Motivational Quotes in Hindi with Images

आपके घरों में भी चहचहाएंगी, गुनगुनाएंगी, फड़फड़ाएंगी, बतियाएगी, और आपको सुलाकर जागती रहेंगी सिरहाने…. किताबें !! यदि आप उन्हें अलमिरह के पिंजरे में कैद नहीं रखेंगे !!  खड़े होते हैं कभी, पर्वतों की तरह !…

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