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लाख़ मिलाले कोई दुश्मन, मीठी बातों में ज़हर ! पर बग़ल में छुपी छुरी आख़िर नज़र आ ही जाती है!

लाख़ मिलाले कोई दुश्मन, मीठी बातों में ज़हर ! पर बग़ल में छुपी छुरी आख़िर नज़र आ ही जाती है! जी हाँ, प्यारे दोस्तों स्वागत है आप सभी का आपके अपने यूट्यूब चैनल लाइफेरिया के…

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तो क्या हुआ कि तुमने खींच ली मेरे पैरों तले की ज़मीन…..मुझे आज भी मेरे आसमां ने थामें रख्हा है!!

तो क्या हुआ कि तुमने खींच ली मेरे पैरों तले की ज़मीन…..मुझे आज भी मेरे आसमां ने थामें रख्हा है!! जी हाँ, प्यारे दोस्तों स्वागत है आप सभी का आपके अपने यूट्यूब चैनल लाइफेरिया के…

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ज़िन्दगी के माथे पर लिख्हा जा सकता है नाम सिर्फ़ ज़िन्दगी का…..

ज़िन्दगी के माथे पर लिख्हा जा सकता है नाम सिर्फ़ ज़िन्दगी का….. जी हां प्यारे दोस्तों ,स्वागत है आप सभी का आपके अपने यू ट्यूब चैनल “लाइफेरिया” के इस मंच पर जहां मैं बेहद बेसब्री…

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थप्पड़ परम्परा

“थप्पड़ परम्परा!”दिल के नक़्शे को बदल कर रख दिया है, गालों पर पड़े थप्पड़ ने!हाँ! अभी “थप्पड़” देख रही हूं मैं!यूँ तो अकेली ही हूँ….!पर यूँ लग रहा है कि जैसे कई कई …शायद हज़ारों…

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तुम्हें खोने की हिम्मत नहीं है मुझमें, फ़िर भला तुम्हें पाने की ज़ुर्रत क्यों करूँ!

तुम्हें खोने की हिम्मत नहीं है मुझमें, फ़िर भला तुम्हें पाने की ज़ुर्रत क्यों करूँ! जानते हो? हर दफ़ा तुम्हें पा लेने के मेरे ख़्वाब, बस तुम्हें खो देने के डर से ही टूटे हैं!तो…

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सोचने वाली बात 08 | मास्टर शेफ़ वही बनते हैं, जिन्हें हरी मिर्च और प्याज़ काटने से परहेज़ नहीं होता!

सोचने समझने वाली बात 08 प्यारे दोस्तों, सादर नमस्कारस्वागत है आप सभी का आपके अपने यू ट्यूब चैनल ‘लाइफेरिया’ के इस मंच पर जहां आज हम बढ़ रहे हैं एक और बेहद जरूरी और सोचने…

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सोचने वाली बात 07 क्या करें ? जब ग़लत समझ बैठे लोग हमें !! या नहीं समझे वैसे,जैसे हम हैं !!

सोचने वाली बात 07क्या करें ? जब ग़लत समझ बैठे लोग हमें !! या नहीं समझे वैसे,जैसे हम हैं !! बहुत गफ़लत होती है!, बेहद परेशानी! बड़ी बैचेनी! एक तरह से उलझन में डाल देनेवाली…

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पूरी होनी चाहिए ज़रूरतें, ख़्वाहिशों को इंतज़ार करने दीजिए…..

आख़िर वो सुबह आ ही गई!जिसका हम सभी को था इंतज़ार !इतने दिनों,महीनों के बाद खुला है लॉक डाउन ! खिले हैं लोग !और निकल पड़ी हूँ मैं बाज़ार की ओर…जैसे कोई आज़ाद पंछी भरता…

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ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए… मौत नहीं ! ( Question & Answer of LIFE )

ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं! सोचनेवाली बात है न ! कि हमेशा तो नहीं !!!पर हाँ ! अक़्सर सवालों में ही कहीं छुपे होते हैं जवाब भी…..वैसे ही…

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गुलमोहर उदास है !…( विश्व पृथ्वी दिवस 2021 पर विशेष) भाग – 2

‘हाय-वे’ के किनारे…एक अकेला गुलमोहर ,बस रह गया है!“सड़क चौड़ीकरण” में उसका एक-एक साथी जाता रहा !बस गुलमोहर ही रह गया है अकेला !अफ़सोस है उसे अपने किनारे होने का…यूँ चीखा वो तब भी था…

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