article

ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए… मौत नहीं !

ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए…मौत नहीं! सोचनेवाली बात है न ! कि हमेशा तो नहीं !!!पर हाँ ! अक़्सर सवालों में ही कहीं छुपे होते हैं जवाब भी…..वैसे ही जवाबों का धुआं है, तो यक़ीनन सवालों की आग भी धधक ही रही होगी कहीं!! और जैसे लाजवाब होती हैं …

ज़िन्दगी यदि सवाल है तो जवाब भी ज़िन्दगी ही होना चाहिए… मौत नहीं ! Read More »

गुलमोहर उदास है !…( विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष) भाग – 2

‘हाय-वे’ के किनारे…एक अकेला गुलमोहर ,बस रह गया है!“सड़क चौड़ीकरण” में उसका एक-एक साथी जाता रहा !बस गुलमोहर ही रह गया है अकेला !अफ़सोस है उसे अपने किनारे होने का…यूँ चीखा वो तब भी था जब कट रहे थे उसके हमसाये !-“बख़्श दो इन्हें ! किस बात की सज़ा देते हो??मगर सज़ा ये ‘उसके’ लिए …

गुलमोहर उदास है !…( विश्व पृथ्वी दिवस पर विशेष) भाग – 2 Read More »

Life during Lockdown by A. Bhagwat

लॉक डाउन और ज़िंदगी….. {Lockdown And Life}अब एक महीना गुज़र चुका है…. लॉक डाउन हुए ! और कुछ सोच रही थी मैं …..तभी…. एक नन्हीं प्यारी सी तितली न जाने कहाँ से आकर …बस बैठी और उड़ भी गई फ़ूल से……मेरे सोचने से पहले ही…सम्भवतः मैं कुछ लिखती उस पर ….पर इससे क्या फ़र्क पड़ता …

Life during Lockdown by A. Bhagwat Read More »

What is the Importance of Prayer?

प्रार्थना का महत्व | हम प्रार्थना क्यों करते हैं? सबसे पहले और सबसे आख़िर में भी जिसकी आवश्यकता बनी रहती है और बनी रहेगी हमेशा, वो सिर्फ़ और सिर्फ़ प्रार्थना ही है।क्योंकि वही हमारे जीवन का सुदृढ आधार भी है परन्तु दुःखद आश्चर्य है कि हम सभी ने प्रार्थना को केवल डर से, दुखों से,दर्द …

What is the Importance of Prayer? Read More »

earth day

पृथ्वी के पक्ष में पेड़ों के हक़ में……( विश्व पृथ्वी दिवस 2021 पर विशेष)

प्यारे दोस्तों,आप सभी को पृथ्वी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं! बात पृथ्वी की होगी तो पेड़ों तक भी पहुँचेगी । वो पेड़ जो लाख़ झड़ चुके पत्तों के बावज़ूद खड़े रहा करते हैं , फ़िर लौटने वाली बहारों की ख़ातिर …कि ज़रुर वो उगे थे कोमलता को लिए …हरदम बदलते मौसमों को बर्दाश्त करते हुए भी…वो …

पृथ्वी के पक्ष में पेड़ों के हक़ में……( विश्व पृथ्वी दिवस 2021 पर विशेष) Read More »

सोचने वाली बात 01 : अक़्सर हम सोचा हुआ कुछ क्यों नहीं कर पाते हैं ?

नमस्कारस्वागत है आप सभी का आपके अपने “लाइफेरिया” के इस मंच पर जहां आज हम शुरुवात कर रहे हैं श्रृंखला“सोचनेवाली बात “ सोचने वाली बात -01 सोचने वाली बात है न ! कि अक़्सर हम सोचा हुआ कुछ क्यों नहीं कर पाते हैं ?दरअसल यहां हमें उन लोगों पर ध्यान देने की ज़रूरत है जिन्होंने …

सोचने वाली बात 01 : अक़्सर हम सोचा हुआ कुछ क्यों नहीं कर पाते हैं ? Read More »

सोचने वाली बात 03 : क्या ये भी अब दूसरे ही तय करेंगे कि हमारे जीने की दशा और दिशा क्या होगी !

प्यारे दोस्तों,बेहद स्वागत है आप सभी का सोच और समझ के इस नुक्कड़ पर जहाँ हम मिलते हैं बस ख़ुद ही से, अपने आप से !हाँ ! पर मैं माफ़ी चाहती हूं इतने लंबे अंतराल के बाद आपसे मिलने के लिए…. आपने देखा होगा कि अक्सर हमारे परिवार में ही ,हमारा कोई अपना ही, ऐसा …

सोचने वाली बात 03 : क्या ये भी अब दूसरे ही तय करेंगे कि हमारे जीने की दशा और दिशा क्या होगी ! Read More »

सोचने वाली बात 05 : लव यू ज़िन्दगी (Love You Zindagi)

सुनो ! खाना ठंडा हो रहा है जल्दी खाओ !ट्रेन निकलने को है, जल्दी पकड़ो भाई !ऑफ़िस नहीं जाना क्या ? उठो जल्दी उठो !कबतक सोते रहोगे ? परीक्षाएं सर पर हैं ,चलो उठो ,पढ़ाई करो !अलग करो भाई! गिला और सूखा कचरा, कचरा गाड़ी आगे निकल जाएगी!अरे! बंद करो कुकर तीन सिटी आ चुकी …

सोचने वाली बात 05 : लव यू ज़िन्दगी (Love You Zindagi) Read More »

सोचने वाली बात 04 : दिल पर ले ले यार… और दिमाग पर भी

पंछी को क्या पता कि कौन शिकारी घात लगाए बैठा है…कल मिला था जो दाना पानी वो आज नसीब भी होगा या नहीं !!पर इस एक ख़याल से ही वो रद्द नहीं कर देता उड़ानें अपनी ! कि उसको यक़ीन है अपने पंखों से कहीं ज़्यादा अपनी परवाज़ों पर, अपने फैसलों पर, अपने हौसलों पर …

सोचने वाली बात 04 : दिल पर ले ले यार… और दिमाग पर भी Read More »

एक ख़त : आत्महत्या के विरुद्ध (A Letter Against Suicide)

तुम्हारे हाथों में है ; ये ख़त बस तुम्हारे के लिए ही लिखा हुआ ।मेरे प्यारे अनजान दोस्त /सहेली ,मैं तुमसे कुछ कहना चाहती हूँ , जो मैं महसूस करती हूँ तुम्हारे लिए । तुम तो जानते ही हो कि ऐसा कोई चैनल या अख़बार नहीं जो आत्महत्या की खबरों से भरा -पड़ा न हो …

एक ख़त : आत्महत्या के विरुद्ध (A Letter Against Suicide) Read More »