Tag: Embrace love

कविता : आलिंगन

पहचानों आलिंगन को  !उसे ही तो महसूस किया था हमने पहले पहल….जब पाया था ख़ुद को अपनी माँ की बाहों में !फ़िर कितने ख़ुश हुए थे हम , जब बाबा ने भरा था बाहों में…..…

Read More