Tag: Poem

चलो भाग चलें भीतर की ओर….. A Meditation Poem by Dr. A. Bhagwat

चलो भाग चलें भीतर की ओर….. ये वक़्त जब बाहर निकलना मुमकिन नहीं !तो क्यों न भीतर ही मुड़ा जाए !उन रास्तों पर बढ़ाए जाएं कदमजो बाहर से जाते हैं भीतर की ओर….और पहुंचा जाए…

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Afternoon Poem in Hindi

दोपहरें…जब कपड़े सूख रहे होते हैं आंगन में !बड़ी – पापड़ धूप के साथ -साथ सरकते रहते हैं इधर -उधर औरपूरा की पूरा माहौल , विविधभारती के पुराने गीतों पर आधारित हो जाता है !सुबह…

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Poem on Corona Virus / Covid-19 in Hindi

क्या-क्या हो रहा है न इन दिनों ! सोना चाहो तो नींद नहीं ! आँख खुले तो चैन नहीं ! भोजन मिले तो भूख नहीं ! जल मिले तो प्यास नहीं ! फुर्सत में तो…

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