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दिल के नक़्शे को बदल कर रख दिया है, गालों पर पड़े थप्पड़ ने!

थप्पड़ परम्परा…! “थप्पड़ परम्परा!”दिल के नक़्शे को बदल कर रख दिया है, गालों पर पड़े थप्पड़ ने!हाँ! अभी “थप्पड़” देख रही हूं मैं!यूँ तो अकेली ही हूँ….!पर यूँ लग रहा है कि जैसे कई कई…

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